बाल पुरस्कार पानेवालों में इस बार कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमता को पीछे छोड़कर हौसले से बड़ी उपलब्धियां हासिल की। 17 साल के हृदयेश दिव्यांग हैं, लेकिन शह-मात के खेल चेस में आगे बढ़ रहे हैं।
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January 23, 2020 at 05:23PM
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