राजीव मणि, इलाहाबाद देश भर के करीब 1,200 केंद्रीय विद्यालयों के 17 हजार से ज्यादा शिक्षक 20 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे ड्यूटी से अनुपस्थित नहीं होंगे बल्कि ड्यूटी पर रहते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। समय-समय पर इन शिक्षकों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और संगठन को जो मांग भेजी है और पूरी नहीं हुई है, उसी के प्रति विरोध जताने के लिए शिक्षक ऐसा करेंगे। ऑल इंडिया केंद्रीय विद्यालय टीचर्स असोसिएशन के शहर के महासचिव एमबी अग्रवाल से जब भेंट हुई तो उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों की मांग का मजाक है। हम समय-समय पर सरकार को अपनी मांगों को याद दिलाते रहते हैं लेकिन हमारी बातों को कोई सुनता नहीं। अग्रवाल ने बताया, 'हालांकि हम 20 दिसंबर को रोजाना की ही तरह अपनी क्लास लेंगे और विरोध के तौर पर काली पट्टी बांधेंगे, लेकिन स्कूल का समय खत्म होने के बाद अलग-अलग केवी के सभी शिक्षक सरकार की नीतियों के विरोध में 30 मिनट का मौन रखेंगे।' साथ ही यह भी फैसला किया गया है कि उसी दिन यानी 20 दिसंबर को केंद्रीय विद्यालय के 25 क्षेत्रों में असोसिएशन के प्रतिनिधि संबंधित विभाग प्रमुख को ज्ञापन सौंपेंगे और उन्होंने जो सरकार के समक्ष मांगें रखी हैं, उसको दोहराएंगे। असोसिएशन के पदाधिकारी दिल्ली में आयुक्त से मुलाकात करेंगे जबकि उनके प्रतिनिधि सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में उपायुक्त से मुलाकात करेंगे। शिक्षकों की मांग है कि उनको गैर शिक्षा कर्मियों को जो मोडिफाइड अश्योर्ड करियर प्रोगेशन स्कीम (एमएसीपी) का फायदा दिया जाता है, वह उनको भी मिले। इस स्कीम के तहत किसी कर्मचारी की सेवा 12 साल पूरा होने के बाद अगले हायर ग्रेडपे के मुताबिक उनके वेतन को अपग्रेड किया जाता है यानी बढ़ाया जाता है। इसके अलावा महिला शिक्षकों का उत्पीड़न रोकने, केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) में पक्षपात बंद करने और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक की सेवा अविध को बढ़ाने की मांग शामिल है।
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December 09, 2019 at 05:58PM
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