शनिवार को एनआरसी की फाइनल लिस्ट आने के बाद सिर्फ सोमारिया ही पहचान संकट की मुश्किलों से नहीं जूझ रही हैं बल्कि ऐसे कई और उदाहरण हैं। उसके पिता सुबल अली असम के बारपेटा जिले के चेंगा में एक दैनिक मजदूर के रूप में काम करते हैं। उनका और उनकी पत्नी का नाम लिस्ट में है।
https://ift.tt/eA8V8J
from The Navbharattimes https://ift.tt/2UsJYk3
September 01, 2019 at 05:06PM
No comments:
Post a Comment